मेहरानगढ़ दुर्ग जोधपुर
🟢 अभी खुला है
🏰 UNESCO Listed · जोधपुर, राजस्थान

मेहरानगढ़ दुर्ग

1459 CE में राव जोधा द्वारा निर्मित · भारत का सबसे विशाल किला · 150 मी. ऊँचाई

⭐ 4.8 (12,450 Reviews)
🕘 9:00 AM – 5:00 PM
🎫 ₹100 Indian
🌡️ Loading...
📍 GPS: 26.2980°N
🕘9:00–17:00Timings
🎫₹100Indian Ticket
📷₹100Camera Fee
⏱️3 HoursVisit Duration
🏛️1459 CEBuilt
📐150 मीटरऊँचाई
🚗500 मी.Parking
उपलब्धWheelchair
🌤️--Jodhpur Now
⚡ Quick Facts

मेहरानगढ़ — एक नज़र में

सबसे ज़रूरी जानकारी, एक जगह पर

👑
Founder
राव जोधा (Rao Jodha)
📅
Built
1459 CE (VS 1516)
🏰
Dynasty
राठौड़ राजपूत
📏
Elevation
150 मीटर (492 फीट)
🏗️
Construction
चित्तर पत्थर (Sandstone)
🚪
Gates
7 ऐतिहासिक दरवाज़े
🏛️
Museum
8 दीर्घाएँ (Galleries)
🏟️
Area
1.2 वर्ग किमी
👥
Annual Visitors
10+ लाख
🎵
Famous For
RIFF Festival, Blue City Views
🌐
Management
Mehrangarh Museum Trust
Rating
4.8/5 (12,450+ Reviews)
📜 इतिहास

मेहरानगढ़ का इतिहास

1459 से आज तक — 565 साल का गौरवशाली इतिहास

1459 CE

स्थापना — राव जोधा का महान निर्माण

राव जोधा ने मंडोर से अपनी राजधानी स्थानांतरित करने का निर्णय किया। 12 मई 1459 को चिड़ियाटूंक पहाड़ी पर किले की नींव रखी गई। स्थानीय मान्यता के अनुसार, नींव रखते समय एक तपस्वी चीला नाथ जी को पहाड़ी से हटाया गया था, जिन्होंने जोधपुर को सूखे की श्राप दी थी — इसीलिए यहाँ पानी की कमी रहती है।

👑 राव जोधा · राठौड़ वंश
1459–1532 CE

प्रारम्भिक निर्माण काल

राव जोधा के उत्तराधिकारियों ने किले का विस्तार जारी रखा। राव सूजा और राव गांगा के शासन में नए महलों और दरवाज़ों का निर्माण हुआ। किले की ऊँची दीवारें — कहीं-कहीं 120 फीट ऊँची और 70 फीट मोटी — इसी काल में बनी।

👑 राव सूजा, राव गांगा
1532–1583 CE

राव मालदेव — स्वर्णकाल

राव मालदेव जोधपुर के सबसे शक्तिशाली शासक थे। उनके शासन में किले का सबसे अधिक विस्तार हुआ। मोती महल और फूल महल का निर्माण इसी काल में शुरू हुआ। 1544 में शेर शाह सूरी के हमले के बावजूद किला अजेय रहा।

👑 राव मालदेव
1583–1678 CE

मुगल काल — कूटनीति और कला

महाराजा उदय सिंह के समय से राठौड़ों ने मुगल साम्राज्य के साथ मैत्री संबंध स्थापित किए। अकबर के दरबार में जोधपुर के राजपूत महत्वपूर्ण पदों पर रहे। इस काल में मुगल और राजपूत स्थापत्य कला का अद्भुत मिश्रण किले में देखने को मिला।

👑 महाराजा उदय सिंह
1678–1724 CE

महाराजा अजीत सिंह — स्वतंत्रता संग्राम

महाराजा अजीत सिंह ने औरंगज़ेब की मृत्यु के बाद 1707 में मुगल शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की। उन्होंने किले में नई इमारतें बनवाईं और जोधपुर को एक स्वतंत्र राज्य के रूप में पुनः स्थापित किया। यह काल मारवाड़ के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है।

👑 महाराजा अजीत सिंह
1800–1947 CE

ब्रिटिश काल — संरक्षण और विकास

ब्रिटिश शासन के दौरान जोधपुर एक महत्वपूर्ण रियासत रही। महाराजा हनवंत सिंह ने किले और महलों का जीर्णोद्धार करवाया। 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद महाराजा हनवंत सिंह ने भारतीय संघ में विलय किया।

👑 महाराजा मान सिंह, हनवंत सिंह
1972–आज

संग्रहालय एवं विश्व धरोहर

1972 में मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट की स्थापना हुई। आज यह भारत के सर्वश्रेष्ठ किला-संग्रहालयों में से एक है। RIFF (Rajasthan International Folk Festival) यहाँ हर वर्ष आयोजित होता है। 2007 में इसे UNESCO विश्व धरोहर की Tentative List में शामिल किया गया।

🏛️ मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट
🚪 सात दरवाज़े

मेहरानगढ़ के ऐतिहासिक दरवाज़े

हर दरवाज़े की अपनी कहानी — युद्ध, विजय और इतिहास

🚪
Gate 1 · प्रवेश द्वार

जयपोल (Jay Pol)

निर्माण: 1806 CE · महाराजा मान सिंह

जयपोल जोधपुर के मुख्य प्रवेश द्वार है। इसका निर्माण 1806 में जयपुर और बीकानेर पर विजय के उपलक्ष्य में हुआ। "जय" शब्द विजय का प्रतीक है।

💡 इसी से आज भी पर्यटक प्रवेश करते हैं
⚔️
Gate 2 · युद्ध स्मृति

फ़तेहपोल (Fateh Pol)

निर्माण: 1707 CE · महाराजा अजीत सिंह

मुगल सेना पर विजय के बाद बना यह दरवाज़ा "फ़तेह" (विजय) का प्रतीक है। इसके ऊपर तोपों के निशान और युद्ध के चिह्न अभी भी दिखते हैं।

💡 मुगलों पर विजय की यादगार
🖐️
Gate 3 · रानियों का बलिदान

डेढकांगरापोल (Dedh Kangra Pol)

15वीं शताब्दी

इस दरवाज़े पर सती की हथेलियों के निशान (हस्त चिह्न) बने हुए हैं — महाराजाओं की मृत्यु पर उनके साथ सती होने वाली रानियों के। यह भावनात्मक रूप से सबसे प्रभावशाली स्थान है।

🖐️ 31 सती हस्त-चिह्न आज भी मौजूद
🏹
Gate 4

भैरूपोल (Bhairuv Pol)

15वीं-16वीं शताब्दी

भगवान भैरव को समर्पित यह द्वार किले की सुरक्षा का प्रतीक था। यहाँ की दीवारों पर तोप के गोलों के निशान हैं जो पुराने आक्रमणों की याद दिलाते हैं।

🎯 तोप के गोलों के निशान दीवारों पर
🛡️
Gate 5

सूरजपोल (Suraj Pol)

16वीं शताब्दी

सूर्य देव को समर्पित यह द्वार पूर्व दिशा में है। सुबह के समय जब सूरज की किरणें इस द्वार पर पड़ती हैं तो यह अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है — फोटोग्राफी के लिए बेस्ट स्पॉट।

☀️ सूर्योदय फोटोग्राफी का बेस्ट स्पॉट
🕌
Gate 6

मक्कापोल (Makka Pol)

16वीं-17वीं शताब्दी

मक्का की दिशा में बना यह द्वार मुगल-राजपूत सह-अस्तित्व का प्रतीक है। इसकी वास्तुकला में मुगल शैली का स्पष्ट प्रभाव दिखता है — मेहराब और जटिल नक्काशी।

🏛️ मुगल वास्तुकला का अनूठा उदाहरण
🌙
Gate 7 · अंतिम द्वार

लोहापोल (Loha Pol)

15वीं शताब्दी

लोहे से बना यह अंतिम और सबसे सुरक्षित द्वार है। इसमें नुकीले कील लगे हुए थे जो हाथियों को रोकने के काम आते थे। यह किले का सबसे पुराना और मूल द्वार है।

⚙️ हाथी-रोधक नुकीले कील — प्राचीन रक्षा तकनीक
🏛️ राजमहल

मेहरानगढ़ के शाही महल

राजपूत स्थापत्य का उत्कर्ष — हर महल एक अद्वितीय रचना

💎

मोती महल (Pearl Palace)

सबसे भव्य दर्शक कक्ष

मोती महल मेहरानगढ़ का सबसे विशाल और भव्य दर्शक कक्ष है। यहाँ पाँच छुपी हुई अलकोव (niches) हैं जहाँ से रानियाँ बिना दिखे दरबार की कार्यवाही देख सकती थीं। छत पर शीशे का अद्भुत काम (mirrored ceiling) और दीवारों पर जटिल भित्तिचित्र हैं। महाराजा यहाँ प्रजा से मिलते और फैसले सुनाते थे।

🪟 5 पर्दानशीन झरोखे 🪞 शीशे की छत 🎨 मूल भित्तिचित्र 👑 शाही सिंहासन
🌸

फूल महल (Flower Palace)

विलासिता का खज़ाना

महाराजा अभय सिंह द्वारा 18वीं सदी में निर्मित फूल महल किले का सबसे रंगीन महल है। इसकी छत पर सोने की परत चढ़ी है (gilt ceiling) और दीवारों पर फूलों की नक्काशी है। यहाँ रागमाला चित्रावली की अद्भुत पेंटिंग हैं जो भारतीय संगीत के रागों को दर्शाती हैं। यह निजी उत्सव और नृत्य के लिए उपयोग होता था।

✨ सोने की छत 🎵 रागमाला चित्रावली 🌺 फूलों की नक्काशी

शीश महल (Mirror Palace)

हज़ार दर्पणों का महल

शीश महल की दीवारें और छत रंगीन काँच और दर्पणों से जड़ी हुई हैं। जब दीपक जलाए जाते थे तो पूरा महल तारों से भरे आसमान जैसा चमकता था। यह कमरा शाही विश्राम और निजी उत्सव के लिए बना था। शीशे का काम इतना बारीक है कि आज भी देखने वाले दंग रह जाते हैं।

💫 हज़ारों दर्पण 🌈 रंगीन काँच 🕯️ दीपक प्रभाव
👀

झाँकी महल (Peep Window Palace)

रानियों की दुनिया

झाँकी महल महिलाओं का अंतःपुर था। यहाँ की खिड़कियों से रानियाँ बाहर की दुनिया देख सकती थीं बिना खुद दिखे। महल में बच्चों के खिलौनों का अद्भुत संग्रह है — राजपूत शाही परिवारों के बच्चों के पालने, हाथीदाँत के खिलौने और राजशाही झूले आज भी यहाँ सुरक्षित हैं।

🪟 पर्दानशीन जालियाँ 🧸 खिलौनों का संग्रह 👶 शाही शिशु-कक्ष
ℹ️ Visitor Guide

Visitor Information

सब कुछ जो आपको जानना चाहिए — visit से पहले

🎫 Ticket Prices — 2025
₹100
Indian Adult
₹600
Foreign Tourist
₹50
Child (5-12 yr)
Free
Under 5 yrs
₹100
Camera Fee
₹200
Audio Guide
🕘
Timings
सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक
सातों दिन खुला
Last entry: 4:30 PM
Ramadan में अलग समय
🚗
Parking
मुख्य पार्किंग किले के नीचे
Car: ₹50 | Bus: ₹100
500 मीटर पहले पार्क करें
Auto/Rickshaw उपलब्ध
📷
Photography
Personal photography: ₹100
Drone: Prior permission
Flash prohibited inside
Professional: Contact trust
Accessibility
Wheelchair ramps उपलब्ध
Lift (elevator) available
Special assistance: Ask at entry
Senior priority queue
🍽️
Food & Café
On The Rocks Restaurant
Chokelao Garden Café
Fort views के साथ dining
पानी की बोतल लाएं
👔
Dress Code
No strict dress code
Comfortable footwear पहनें
सीढ़ियाँ बहुत हैं
Sun hat recommended
🛍️
Shopping
Souvenir shop inside fort
Mojri (traditional shoes)
Bandhani fabric
Miniature paintings
🚨
Emergency
Fort Security: 0291-2548790
Medical room: Entry gate
Police: 100
Ambulance: 108
💙 ब्लू सिटी

Blue City Views — जोधपुर का नीला संसार

💙 जोधपुर क्यों है नीला?
ब्राह्मणों के घर नीले रंग में रंगे होते थे — गर्मी से राहत और मच्छरों से बचाव के लिए। धीरे-धीरे पूरा शहर नीला हो गया।
🌅Sunrise View6:00–7:30 AM
📷Best Photo SpotNorth Rampart
🌇Sunset Point5:30–7:00 PM
🏙️City PanoramaMuseum Terrace
🤖 AI Planner

AI Trip Planner — आपका Personal Guide

अपने समय के हिसाब से best plan चुनें

❓ FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

100+ common questions — तुरंत जवाब पाएं

📍 Nearby

आस-पास के आकर्षण

🕌
जसवंत थड़ा
📍 1.2 km · 15 min walk
🌵
Rao Jodha Rock Park
📍 0.5 km · 8 min walk
🕐
Clock Tower
📍 1.8 km · 20 min
🏰
Umaid Bhawan
📍 3.5 km · 10 min by car
🍽️
Old City Food
📍 1 km · Restaurants
🏨
Hotels Nearby
📍 500m–2km · 25+ options
⭐ Reviews

Visitor Reviews

4.8
⭐⭐⭐⭐⭐
12,450 Reviews
5 ⭐
78%
4 ⭐
15%
3 ⭐
5%
1-2⭐
2%